Paytm-गूगल पे जैसे ई-वॉलेट से भी बढ़ा पैसे चोरी होने का खतरा, हैकर्स ने निकाली नयी तरकीब

इंटरनेट आजकल जानकारी और कामकाज की चीजों के अलावा चोरों के लिए ऑनलाइन अपराध करने का आसान प्लैटफॉर्म बन गया है. इन जालसाजों का  शिकार ई वॉलेट इस्तेमाल करने वाले लोग बन रहे हैं. इनके पास हजार तरीके हैं लेकिन एक कॉमन हथकंडा आजकल बहुत आजमाया जा रहा है.

उदाहरण के तौर पर आप को किसी चीज की जरूरत होती है तो आप नेट पर उसके बारे में सर्च करते हैं. सर्च में कोई नंबर मिले या कोई वेबसाइट तो आप उस पर संपर्क करते हैं और यहीं ई-वॉलेट के अपराधों को अंजाम दिया जाता है.

ऐसे होता है फ्रॉड

यहां लुटेरा आपसे आपकी जरूरत पूछता है और एक फॉर्म भरने को कहता है. इसके साथ ही ट्रायल के लिए या टोकन मनी के तौर पर 5-10 रुपये का ट्रांजैक्शन करने को कहता है. इसी में वह आपकी जरूरी जानकारी, जैसे फोन नंबर, बैकिंग डिटेल ले लेता है. इधर आप टोकन ट्रांजैक्शन पूरा करते हैं, उधर वो आपका पूरा अकाउंट साफ कर देता है. मगर ये वॉलेट में सेंध लगाने का सिर्फ एक तरीका है. ये जेबकतरे रोज नए तरीके निकाल रहे हैं.

ई वॉलेट से कैसे होती है लूट

CNBC आवाज़ से की बातचीत में साइबर क्राइम इंवेस्टिगेशन कंसल्टेंट ने बताया कि ईवॉलेट पर है लुटेरों की नजर बनी हुई है. इंटरनेट पर यह जालसाज फर्जी पहचान के साथ मौजूद हैं. बताया गया कि आप जब भी कुछ सर्च करते हैं तो नेट सर्च में इन चोरों का नंबर आता है, जिन्हें आप असली सेलर, सर्विस समझते हैं. ये आपसे दिखावे की औपचारिकता करते हैं. हैकर्स आपसे फॉर्म भरवाते हैं, जानकारी मांगते हैं. फिर आपसे एक छोटा ट्रांजैक्शन करने को कहते हैं, जहां वह 1 रुपये, 5 रुपये या 10 रुपये का ट्रांजैक्शन करवाते हैं. इसी ट्रांजैक्शन की आड़ में डेटा ले लेते हैं, फिर वह आपके वॉलेट से जुड़ा डेटा चुरा लेते हैं. इसके बाद डेटा मिलते ही पैसे उड़ा चोरी कर लेते हैं.

Most Read