खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री ने ली बांसवाडा में जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक

जयपुर। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री श्री रमेशचन्द्र मीणा ने अधिकारियों से कहा कि विभागीय योजनाओं व कार्यक्रमों को धरातल से जुड़े लोगों तक पहुंचाते हुए उसका लाभ देते हुए जिले के विकास को गति दें। यह निर्देश उन्होंने बुधवार को बांसवाड़ा के कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जिला स्तरीय अधिकारियों की बैठक में दिये। बैठक में पूर्व मंत्री व बागीदौरा विधायक  महेन्द्रजीतसिंह मालवीया, जिला प्रमुख  रेशम मालवीया, जिला कलक्टर  आशीष गुप्ता, जिला पुलिस अधीक्षक उपखण्ड अधिकारी सहित जिला स्तरीय अधिकारीगण, प्रधानगण मौजूद थे।  मीणा ने अधिकारियों से कहा कि विभागीय योजनाओं से संबंधित गतिविधियों के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ही अपनी कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाएं। उन्होंने कहा कि अपने पास जनसुनवाई के लिए आने वाले आमजनो के साथ प्रेमपूर्वक मधुर व्यवहार करें और तसल्ली के साथ उनकी पूरी बात को सुनतेे हुए उसका समाधान निकालते हुए राहत पहुंचाएं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट शब्दों में कहा कि वे ऎसा काम करें कि धरातल पर काम दिखे और उन्हें अहसास हो कि सरकार द्वारा हर गरीब तबके के लोगों को ध्यान में रखकर काम किया जा रहा है और उन्हे राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का पूरा - पूरा लाभ दे। बैठक में खाद्य मंत्री ने जिले की समसामयिक स्थिति पर विस्तार से विभागवार चर्चा की और बारी-बारी ने विभागवार योजनाओं व कार्यक्रमों की जानकारी और संबंधित लक्ष्यों को समय पर पूरा करने व विकास गतिविधियों को प्रभावी बनाने के लिए अथक प्रयास करने के निर्देश दिये।  मीणा ने अधिकारियों को जिले में अत्यधिक बारीश के कारण खराब हुई फसलों की गिरदावरी के समय मौके की सही वस्तुस्थिति की जानकारी देने के निर्देश दिये। उन्होंने जिले के जिन स्थानों पर ज्यादा डेमेज सड़को व पुलियाओं की जांच करने, गौरवपथ के तहत बनाई जा रही सड़कों के कार्यों को पूरा करने, बरसात में खराब हुई सड़कों को गुणवत्ता के साथ ठीक करने, सड़कों का भौतिक सत्यापन करने, सड़कोें की खराब स्थिति के जिम्मेदार एजेन्सी व लोगों के खिलाफ कार्यवाही करने, सड़कों के पेचवर्क के कार्य की पूर्व में व बाद में वीडियोग्राफी करवाने,  कृषि कनेक्शन व घरेलू बिजली कनेक्शन को प्राथमिकता के साथ देने, जिले में वंचित लोगों को प्राथमिकता से बिजली देने, जलदाय विभाग को पेयजल से संबंधित योजनाओं व कार्य को समय पर पूरा करने, चिकित्सा विभाग से जुड़ी समस्याओं को लिखित में देने, गरीब की सेवा अपनी सेवा मानकर काम करने, सोनोग्राफी के काम में लापरवाही नहीं बरतने, चिकित्सकों को ड्यूटी टाईम पर वर्दी में रहने, झोलाछाप डॉक्टरों पर अंकुश लगाने,मौसमी बीमारियों व संक्रामक रोगों की संभावना हो देखते हुए पुख्ता दवाईयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने,आंगनवाड़ी केन्द्र की व्यवस्था को सुधारने, पोषाहार में हो रही गड़बड़ियों को ठीक करने, अभियान के तौर पर आंगनवाड़ी केन्द्रों की जांच करने  व उस दौरान जहां कहीं भी गड़बड़ी पाई जाने पर  उसके खिलाफ कार्यवाही करने, सहकारिता विभाग से जुड़ी योजनाओं व कार्यक्रमों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने, शिक्षा विभाग के रामसा द्वारा करवाये जा रहे निर्माण कार्यों की गुणवत्ता का ध्यान रखने और जहां कहीं भी घटिया कार्य पाये जाने पर तत्काल एफआईआर दर्ज करवाने, मीड-डे-मील की प्रतिदिन जांच करने, दूध वितरण व्यवस्था को ठीक करने, टीएडी हॉस्टल को स्वच्छ व साफ सुथरा रखने, शिक्षा व्यवस्था को ओर बेहत्तर करने,पुलिस विभाग को कानून व्यवस्था को और बेहतर बनाने, आदि के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिये। खाद्य मंत्री ने राज्य में उपभोक्ता हितों की रक्षा के लिए सरकार द्वारा उठाये गये सख्त कदमों की जानकारी देते हुए बताया कि प्रदेश में उपभोक्ता शिकायत पर ठोस कार्यवाही के लिए प्रभावी कानून कन्ज्यूमर एक्ट-2020 का काम चल रहा है और यह दिसम्बर तक तैयार हो जाएगा, इसमें खरीददार और विक्रेता सभी कानून के दायरे में आएंगे। एक्ट में उपभोक्ताओं की शिकायतों पर ठोस एवं निर्णायक कार्यवाही का भी प्रावधान है। उपभोक्ता मंच के अधिकारियों का भी विस्तार किया गया है। बैठक में जिला कलक्टर  आशीष गुप्ता ने जिले की विकास गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में पूर्व मंत्री महेन्द्रजीतसिंह मालवीया, जिला प्रमुख  रेशम मालवीया ने भी आवश्यक बिन्दुओं पर चर्चा कर मंत्री को अवगत करवाया।